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monkey

यादें

 
ज़िन्दा हूँ जिन्हें निभाने को,
       मुट्ठी भर टूटे वादे हैं;
तेरा कहर-ए-करम, साँसों का भ्रम,
       हाथों में रेत सी यादें हैं|

तेरी आँखों को तो भूल चुका,
       इक धुंधली सी परछाई है;
हर बूँद तेरे हर आँसू की,
       मेरी नज़रों में पर समाई है|

आवाज़ तेरी तो याद नहीं,
       खामोशी बातें निगल गयी;
तेरी धड़कन की, तेरी साँसों की लय,
       मेरी साँसों में घर कर गयी|

खुशबू तेरी खो सी गयी,
       स्पर्श भी भूला-बिसरा है;
एहसास तुझे पर छूने का,
       मुझे अब तक पूरा करता है|

 

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